Tarun Tejpal Convicted: रेप मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद तरुण तेजपाल ने खुद को बताया पीड़ित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में उनकी महिला जूनियर सहयोगी द्वारा दर्ज कराए गए रेप केस में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में उनकी महिला जूनियर सहयोगी द्वारा दर्ज कराए गए रेप केस में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने दोषी ठहराया है। इस मामले में तेजपाल ने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा कि वह इस निर्णय के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। तेजपाल ने कहा, "मैं 62 साल का हूं और मेरी पत्नी है, कृपया मेरे प्रति नरमी बरतें।" उन्होंने इस मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। तेजपाल ने कहा कि यह घटना गलतफहमी का परिणाम थी। अदालत में सुनवाई के दौरान जब जज ने पूछा कि क्या तेजपाल के खिलाफ कोई और मामला दर्ज है, तो उनके वकील ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई अन्य एफआईआर या शिकायत नहीं है।
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार को तरुण तेजपाल को उनकी जूनियर सहयोगी द्वारा दायर 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराया। इस मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 7 और 8 नवंबर, 2013 को गोवा के एक होटल में 'थिंकफेस्ट' कार्यक्रम के दौरान तेजपाल ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। इस मामले की सुनवाई 2017 में मापुसा की ट्रायल कोर्ट में शुरू हुई थी, जहां 2021 में तेजपाल को बरी कर दिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसके परिणामस्वरूप तेजपाल को दोषी ठहराया गया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अधिकतम सजा देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता, जो तेजपाल की बेटी की उम्र की थी, ने बार-बार मना करने के बावजूद दो दिनों तक तेजपाल द्वारा यौन उत्पीड़न का सामना किया। मेहता ने अदालत में यह भी कहा कि अदालत को यह स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि जब कोई लड़की 'ना' कहती है, तो उसका मतलब सिर्फ 'ना' ही होता है। इस मामले ने समाज में यौन उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का काम किया है और यह दर्शाता है कि ऐसे मामलों में न्याय की प्रक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है।
















