Hormuz Strait Crisis: समुद्री जीवन पर मंडराया बायोफाउलिंग का खतरा

होर्मुज जलमार्ग के बंद होने से आर्थिक असर की चर्चा तो हो रही है, लेकिन पर्यावरणीय नुकसान पर ध्यान कम दिया गया है। हालिया शोध में बताया गया है कि फरवरी से फारस क
होर्मुज जलमार्ग के बंद होने से आर्थिक असर की चर्चा तो हो रही है, लेकिन पर्यावरणीय नुकसान पर ध्यान कम दिया गया है। हालिया शोध में बताया गया है कि फरवरी से फारस की खाड़ी में खड़े 1,500 से अधिक वाणिज्यिक जहाज एक गंभीर पर्यावरणीय खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। लंबे समय तक स्थिर रहने के कारण, इन जहाजों के बाहरी हिस्सों पर समुद्री जीवों और वनस्पतियों की परत, जिसे बायोफाउलिंग कहा जाता है, जमा हो सकती है। यह समस्या तब और बढ़ सकती है जब होर्मुज जलमार्ग दोबारा खुलने पर ये जहाज विभिन्न बंदरगाहों की ओर रवाना होंगे। इन जहाजों के साथ नए समुद्री जीव नए क्षेत्रों में पहुंच सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैव-सुरक्षा के लिहाज से सुपर-स्प्रेडर घटना का खतरा बढ़ जाता है। इन बाहरी समुद्री जीवों, पौधों, परजीवियों और रोगजनकों के नए क्षेत्रों में पहुंचने से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र, जलीय कृषि, तटीय उद्योग और अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है। इस संभावित खतरे को कम करने का अवसर अभी मौजूद है, जिसके लिए देशों, बंदरगाहों और संबंधित एजेंसियों के बीच वैश्विक स्तर पर सहयोग और समन्वित कार्रवाई जरूरी है। समुद्री जैविक आक्रमण केवल पर्यावरण के लिए खतरा नहीं है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था और समाज के लिए भी दीर्घकालिक नुकसान पैदा कर सकता है। इसलिए जहाजों की आवाजाही बहाल होने से पहले जोखिम की पहचान और उससे निपटने की तैयारी करना आवश्यक है। स्थिर खड़े जहाजों की सतह पर कम समय में भी बड़ी मात्रा में बायोफाउलिंग जमा हो सकती है। फारस की खाड़ी में 50 से अधिक गैर-मूल समुद्री प्रजातियां मौजूद हैं। एक शोध के अनुसार, होर्मुज जलमार्ग के आसपास फंसे जहाजों की बड़ी संख्या न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया पहुंचने की संभावना कम है, लेकिन एक साल के भीतर कई जहाज इन देशों के तटों तक पहुंच सकते हैं, जिनमें संभावित रूप से आक्रामक प्रजातियां भी शामिल हो सकती हैं। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के पास समुद्री जैव-सुरक्षा के लिए मजबूत नियम और नियामकीय ढांचा है, जिसमें जोखिम वाले जहाजों की पहचान और तेजी से कार्रवाई करने की व्यवस्था भी शामिल है।


















