Environmental Impact of Closure of Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से पर्यावरण पर पड़ रहा है गंभीर असर

ईरान और अमेरिका के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट (strait of hormuz) के बंद होने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की चिंता बढ़ गई है। हाल ही म
ईरान और अमेरिका के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की चिंता बढ़ गई है। हाल ही में की गई रिसर्च से पता चला है कि फरवरी से फारस या अरब की खाड़ी में 1,500 से अधिक कमर्शियल जहाजों के खड़े रहने के कारण समुद्री बायोफाउलिंग प्रजातियां उनके निचले हिस्सों पर जमा हो रही हैं। जब ये जहाज फिर से चलेंगे, तो ये जीव उन बंदरगाहों तक फैल सकते हैं जहां वे जाएंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बायोसिक्योरिटी से जुड़ी सुपर-स्प्रेडर घटना हो सकती है। बाहरी समुद्री पौधों, जानवरों, परजीवियों और बीमारियों का फैलाव लोकल इकोसिस्टम और जंगली मछलियों के साथ-साथ एक्वाकल्चर स्टॉक तथा तटीय उद्योगों पर भी गंभीर असर डाल सकता है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान और आर्थिक हानि हो सकती है। होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना पहली बार नहीं है, जब शिपिंग में रुकावट के कारण बेकार खड़े जहाजों पर बायोफाउलिंग की समस्या आई हो। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन वे लंबे समय तक नहीं चले। रिसर्चर्स ने समुद्री व्यापार में 24 अहम चोक पॉइंट्स की पहचान की है, जिनमें से 20 के लिए वैकल्पिक रूट मौजूद हैं, जिससे शिपिंग को मैनेज किया जा सकता है। हालांकि, 4 ऐसे अहम पॉइंट्स हैं जिनके लिए कोई वैकल्पिक रूट नहीं है, जिनमें होर्मुज स्ट्रेट भी शामिल है। पिछले हफ्ते शनिवार को ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि अमेरिका जब तक अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता, होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा। सुरक्षा परिषद के सचिव एवं रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर मोहम्मद बाघेर जुलघद्र ने कहा कि अमेरिका को ईरान को धमकी नहीं देनी चाहिए। इससे पहले ईरान ने ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर एक समझौते के करीब पहुंचने का दावा किया था।


















