Robusta Banana Boosts Farmers' Income: रोबस्टा केले से बढ़ेगी किसानों की कमाई, अब हड्डियां भी बनाएगा मजबूत

भागलपुर के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग ने हाल ही में रोबस्टा केले में लगने वाले पनामा रोग पर जैविक नियंत्रण के सफल प्रयोग की घोषणा
भागलपुर के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग ने हाल ही में रोबस्टा केले में लगने वाले पनामा रोग पर जैविक नियंत्रण के सफल प्रयोग की घोषणा की है। यह रोग किसानों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया था, जिससे उन्हें हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। पनामा रोग, जो फ्यूजेरियम फंगस के कारण फैलता है, ने कई किसानों को रोबस्टा केले की खेती छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। लेकिन अब इस शोध के बाद उम्मीद की किरण जागी है कि किसान फिर से इस फसल की ओर लौटेंगे और इससे उनकी आय में वृद्धि होगी। डॉ. विवेक कुमार सिंह, जो इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं, ने बताया कि इस रोग के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हो रही थीं और अब इस समस्या के समाधान के लिए जैविक नियंत्रण का एक प्रभावी तरीका विकसित किया गया है।
इस शोध के तहत, नवगछिया और कुर्सेला से रोबस्टा केले के पौधे लाकर विश्वविद्यालय के बॉटनिकल गार्डन में लगाए गए। शोध के दौरान संक्रमित पौधों से पनामा रोग फैलाने वाले फंगस को अलग कर प्रयोगशाला में विकसित किया गया। इसके बाद लाभकारी प्रतिरोधी फंगस, वर्मी कम्पोस्ट, मशरूम अपशिष्ट और औषधीय पौधों के अर्क को मिलाकर एक विशेष जैविक फॉर्मूला तैयार किया गया। इस फार्मूले का सफल परीक्षण बॉटनिकल गार्डन में लगे केले के पौधों पर किया गया, और जिन पौधों पर इसका प्रयोग किया गया, वे अब भी स्वस्थ हैं और उनमें पनामा रोग नहीं लगा है। यह तकनीक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।



















