Weather Changes in Amroha: इस बार बदले मानसून के तेवर, जून-जुलाई में अमरोहा की इस तहसील में दर्ज हुई सबसे ज्यादा बारिश

जागरण संवाददाता, अमरोहा। इस वर्ष मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा है। आसमान में बादल छाए रहने के बाद अचानक वर्षा होने लगती है। यदि हम आंकड़ों पर ध्यान दें, तो इस
जागरण संवाददाता, अमरोहा। इस वर्ष मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा है। आसमान में बादल छाए रहने के बाद अचानक वर्षा होने लगती है। यदि हम आंकड़ों पर ध्यान दें, तो इस साल जून और जुलाई में पिछले वर्ष की तुलना में कम वर्षा हुई है। जुलाई में तहसीलवार वर्षा की स्थिति की बात करें, तो धनौरा तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक 169 एमएम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि नौगावां तहसील क्षेत्र में सबसे कम 103 एमएम वर्षा हुई है। इस प्रकार, वर्षा की स्थिति में काफी भिन्नता देखने को मिली है। मौसम की unpredictability ने सभी को हैरान कर दिया है। गर्मी के मौसम में भी सर्दी के मौसम में वर्षा का होना एक असामान्य घटना है। पिछले साल जनवरी में केवल 8 एमएम वर्षा हुई थी, जबकि फरवरी और मार्च में कोई वर्षा नहीं हुई थी। अप्रैल में मौसम में थोड़ा बदलाव आया और 7 एमएम वर्षा हुई। मई में यह आंकड़ा बढ़कर 9 एमएम तक पहुंच गया। जून में वर्षा का स्तर बढ़कर 213 एमएम हो गया। जुलाई में तो वर्षा का आंकड़ा 698 एमएम तक पहुंच गया। यह वर्षा का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक था।
सर्दी के पहले महीने में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहा। जनवरी में 96 एमएम वर्षा हुई, लेकिन फरवरी में यह आंकड़ा गिरकर 38 एमएम तक पहुंच गया। मार्च में वर्षा का स्तर बढ़कर 51 एमएम हो गया। अप्रैल में 54 एमएम और मई में 123 एमएम वर्षा हुई। हालांकि, जून में पिछले साल की तुलना में वर्षा का स्तर कम रहा, केवल 113 एमएम वर्षा हुई। जुलाई में 529 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। इस प्रकार, वर्षा के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जिला कृषि अधिकारी मनोज तोमर ने बताया कि इस साल वर्षा की स्थिति पिछले साल से बेहतर रही है, लेकिन जून और जुलाई में वर्षा की मात्रा कम रही है। इससे किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस वर्ष मानसून के बदलते तेवर ने सभी को चौकन्ना कर दिया है। मौसम के इस बदलाव के कारण कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।



















