CWG 2026: हरियाणा के गांव धनाना की बेटियों ने जीते पदक

सुरेश मेहरा, भिवानी। हरियाणा का गांव धनाना, जो मिनी क्यूबा के नाम से भी जाना जाता है, अब अंतरराष्ट्रीय खेलों के मंच पर अपनी पहचान बना चुका है। इस गांव की दो बेट
सुरेश मेहरा, भिवानी। हरियाणा का गांव धनाना, जो मिनी क्यूबा के नाम से भी जाना जाता है, अब अंतरराष्ट्रीय खेलों के मंच पर अपनी पहचान बना चुका है। इस गांव की दो बेटियों, साक्षी चौधरी ढांडा और प्रिया घनघस ने हाल ही में ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतकर गांव का नाम रोशन किया है। इनकी उपलब्धियों ने न केवल गांव को सुर्खियों में ला दिया है, बल्कि यहां के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है। धनाना गांव से अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नीतू घनसघस भी हैं, जो अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं। इसके अलावा, हरियाणा के पहले ओलंपियन एथलीट भीम सिंह भी इसी गांव से हैं। अब यह गांव खेलों का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां हैंडबाल, कबड्डी, मुक्केबाजी जैसे खेलों में कई नामी खिलाड़ी उभर कर सामने आए हैं।
हालांकि, गांव में कोई आधिकारिक स्टेडियम नहीं है, लेकिन सुबह और शाम को यहां खिलाड़ियों की भीड़ लगी रहती है। वीर शहीद लख्मीचंद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान पर लड़के और वीर शहीद हुकमीराम राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान पर लड़कियां नियमित रूप से अभ्यास करती हैं। यहां प्रतिदिन 600 से अधिक खिलाड़ी पसीना बहाते हैं। हैंडबाल कोच फूल सिंह ने बताया कि स्व. कुलजीत सिंह शिपा, जो भारतीय सेना में थे, ने 1998 में गांव में हैंडबाल की शुरुआत की थी। उनके योगदान के कारण अब इस गांव में 55-60 अंतरराष्ट्रीय और 450 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। ये खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्ग में हैं और खेल के प्रति उनका जुनून अद्वितीय है।















