Freelancers Alert: ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त, जानें सही फॉर्म और टैक्स बचाने के तरीके

फ्रीलांसरों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (itr) भरना बेहद जरूरी है। असिस्टेंट ईयर (ay) 2026-27 के लिए जिन लोगों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए itr भरने की अंत
फ्रीलांसरों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना बेहद जरूरी है। असिस्टेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए जिन लोगों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए ITR भरने की अंतिम तारीख 31 अगस्त निर्धारित की गई है। वहीं, जिन मामलों में टैक्स ऑडिट आवश्यक है, उनके लिए यह तारीख 31 अक्टूबर है, जब तक कि सरकार इसमें कोई बदलाव नहीं करती। टैक्स और निवेश विशेषज्ञ निशांत शंकर के अनुसार, फ्रीलांसरों को अपनी कमाई और टैक्स व्यवस्था के अनुसार सही ITR फॉर्म का चुनाव करना चाहिए।
अगर आप अपनी आय का पूरा हिसाब रखते हैं, तो आपको ITR-3 भरना होगा। रिटर्न भरने से पहले अपनी कमाई का मिलान आवश्यक दस्तावेजों जैसे जारी किए गए इनवॉइस, बैंक स्टेटमेंट, Form 26AS, और TDS सर्टिफिकेट से करना चाहिए। इसके अलावा, यदि आपकी कमाई विदेशी क्लाइंट से हुई है, तो बैंक में आए विदेशी भुगतान का रिकॉर्ड भी चेक करें। इससे ITR में दी गई जानकारी और आयकर विभाग के रिकॉर्ड में अंतर नहीं रहेगा।
फ्रीलांस आय को बिजनेस या प्रोफेशन की आय माना जाता है, जिसमें जरूरी प्रोफेशनल खर्च घटाने के बाद बची राशि पर टैक्स लगता है। रेगुलर टैक्स सिस्टम में, फ्रीलांसर अपने काम से जुड़े खर्चों की कटौती ले सकते हैं, जैसे ऑफिस का किराया, इंटरनेट बिल, और यात्रा खर्च। ध्यान रखें कि निजी खर्चों पर टैक्स छूट नहीं मिलती।
अगर आप भारत के निवासी हैं और विदेशी क्लाइंट से कमाई करते हैं, तो आपको आमतौर पर उस आय पर भारत में टैक्स देना पड़ सकता है। इसके लिए आपके पास क्लाइंट के साथ एग्रीमेंट, इनवॉइस और बैंक भुगतान का रिकॉर्ड होना चाहिए। यदि उसी आय पर विदेश में पहले ही टैक्स कट चुका है, तो भारत और उस देश के बीच लागू DTAA के तहत राहत मिल सकती है।



















