Retention Bonus Dilemma: 3 लाख रुपये का बोनस, लेकिन कर्मचारी नहीं लेना चाहता

हर नौकरीपेशा व्यक्ति की ख्वाहिश होती है कि उसकी मेहनत की सराहना हो और उसे अच्छा वेतन या बोनस मिले। लेकिन एक कर्मचारी ने हाल ही में reddit पर एक ऐसी दुविधा शेयर
हर नौकरीपेशा व्यक्ति की ख्वाहिश होती है कि उसकी मेहनत की सराहना हो और उसे अच्छा वेतन या बोनस मिले। लेकिन एक कर्मचारी ने हाल ही में Reddit पर एक ऐसी दुविधा शेयर की है, जिसने सबका ध्यान खींचा है। इस कर्मचारी ने बताया कि उसने अपनी कंपनी में एक साल पूरा कर लिया है और इस अवसर पर उसे 3 लाख रुपये का रिटेंशन बोनस मिलने वाला है। यह बोनस आमतौर पर कर्मचारियों को कंपनी में लंबे समय तक बनाए रखने के लिए दिया जाता है। लेकिन इस कर्मचारी की मुश्किल यह है कि वह अगले कुछ महीनों में नौकरी छोड़ने की योजना बना चुका है।
कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि उसे बोनस पूरी तरह नकद मिलेगा, लेकिन टैक्स कटने के बाद उसके हाथ में लगभग 20 प्रतिशत कम रकम आएगी। इसका मतलब है कि उसे करीब 60 हजार रुपये टैक्स के रूप में चुकाने होंगे। असली समस्या केवल टैक्स नहीं है, बल्कि कंपनी की एक शर्त भी है। कंपनी की क्लॉबैक पॉलिसी के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी बोनस मिलने के 12 महीने के भीतर नौकरी छोड़ता है, तो उसे पूरा 3 लाख रुपये कंपनी को वापस लौटाना होगा। इस स्थिति में, यदि वह कुछ महीनों बाद इस्तीफा देता है, तो उसे पूरा बोनस लौटाना पड़ेगा, जबकि टैक्स पहले ही कट चुका होगा। यही कारण है कि वह खुद को नुकसान में महसूस कर रहा है।



















