Delhi Police's Juvenile Accused Controversy: तरुण हत्याकांड में मुख्य आरोपी को नाबालिग बताने का मामला

मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। उत्तम नगर के हस्तसाल इलाके में होली की रात हुए तरुण हत्याकांड से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में द्वारका की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथ
मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। उत्तम नगर के हस्तसाल इलाके में होली की रात हुए तरुण हत्याकांड से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में द्वारका की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अदालत ने उत्तम नगर थाना एसएचओ को नोटिस जारी कर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) तलब की है। यह मामला हत्या के मुख्य आरोपितों में शामिल एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा है, जिसने खुद को नाबालिग बताया था। मृतक तरुण के परिवार का आरोप है कि आरोपित के परिवार ने उसे नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसी शिकायत के आधार पर अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा है। दूसरी ओर, इस विवाद से संबंधित जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) में चल रही कार्यवाही पर भी द्वारका की अपीलीय अदालत ने 1 अगस्त तक अंतरिम रोक लगा रखी है।
मृतक तरुण के चाचा टेकचंद ने अधिवक्ता सुमित चौहान के माध्यम से अदालत में परिवाद दायर किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य आरोपित की मां, पिता और नाना ने उसे नाबालिग दर्शाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में उत्तम नगर थाना और द्वारका के पुलिस उपायुक्त को भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन किसी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। शिकायत के अनुसार, जांच के दौरान आरोपित का एक जन्म प्रमाण पत्र मिला, जिसमें उसकी जन्मतिथि 7 अक्टूबर 2007 दर्ज है और इसका पंजीकरण वर्ष 2008 में हुआ था। इस रिकार्ड के आधार पर हत्या के समय उसकी आयु करीब 18 वर्ष पांच माह बनती है।


















