CBI exposes NEET paper leak conspiracy: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से बड़े खुलासे

neet ug 2026 पेपर लीक मामले में cbi की चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने बताया है कि परीक्षा से केवल तीन दिन पहले, यानी 25 से 27 अप्र
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने बताया है कि परीक्षा से केवल तीन दिन पहले, यानी 25 से 27 अप्रैल 2026 के बीच, सवाल लीक हो गए थे। यह सवाल छात्रों तक WhatsApp, Telegram और ऑफलाइन कक्षाओं के माध्यम से पहुंचाए गए। CBI के अनुसार, इस पूरे मामले में NTA से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञ, कोचिंग सेंटर संचालक, बिचौलिए और अन्य लोग शामिल थे।
जांच में यह बात सामने आई है कि केमिस्ट्री के विषय विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी ने गोपनीयता की शपथ लेने के बावजूद पुणे में विशेष कक्षाएं आयोजित कीं। इन कक्षाओं में शामिल छात्रों को वही सवाल और जवाब दिए गए जो बाद में NEET परीक्षा में पूछे गए। लातूर में भी इसी तरह की विशेष कक्षाएं आयोजित की गईं। CBI ने बताया कि माय गेट ऐप के रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पुष्टि हुई है कि छात्र कुलकर्णी के घर पहुंचे थे। छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवाल और CBI के अनुसार लीक हुए पेपर आपस में मेल खाते हैं।
CBI ने कहा कि कुलकर्णी के मोबाइल से केमिस्ट्री के सवालों की तस्वीरें, उम्मीदवारों और उनके माता-पिता के साथ बातचीत के डिजिटल सबूत मिले हैं। एक अभिभावक ने परीक्षा के बाद कुलकर्णी से संपर्क कर उन्हें घड़ी गिफ्ट करने की इच्छा भी जताई थी, क्योंकि परीक्षा में वही सवाल आने का दावा किया गया था। इसके अलावा, कुलकर्णी ने फिजिक्स का पेपर हासिल करने की भी कोशिश की थी।
फिजिक्स की विषय विशेषज्ञ मनीषा हवालदार पर आरोप है कि उन्होंने गोपनीयता की शपथ के बावजूद 25 हजार रुपये लेकर फिजिक्स के सवाल लीक किए। जांच के अनुसार, परीक्षा से आठ दिन पहले उनके मोबाइल में हाथ से लिखे सवाल मौजूद थे। उन्होंने ये सवाल तेजस शाह को लिखवाए, जिसने उन्हें आगे पहुंचाने का काम किया। CBI के मुताबिक, मनीषा वाघमारे पूरे नेटवर्क में छात्रों और विषय विशेषज्ञों के बीच कड़ी का काम कर रही थीं। उन्होंने अभिभावकों से चार लाख रुपये तक लेकर छात्रों को ऑफलाइन कक्षाओं में भेजा।



















