MP Medical Admission Update: निजी कॉलेजों में 35% मैनेजमेंट कोटा नहीं होगा लागू

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस प्रवेश के लिए इस वर्ष भी मैनेजमेंट कोटा लागू नहीं किया जाएगा। पहले की व्यवस्था क
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस प्रवेश के लिए इस वर्ष भी मैनेजमेंट कोटा लागू नहीं किया जाएगा। पहले की व्यवस्था के अनुसार, निजी कॉलेजों में 85 प्रतिशत सीटें स्टेट कोटा के तहत और 15 प्रतिशत सीटें एनआरआई कोटे के तहत रहेंगी। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने निजी कॉलेजों में 35 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटा को फिर से लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल सकी।
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी मैनेजमेंट कोटा को बहाल करने के पक्ष में नहीं थे। उनका तर्क था कि इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी कारण शासन ने पुराने प्रवेश ढांचे को बनाए रखने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया 5 अगस्त, बुधवार से पंजीकरण के साथ शुरू होगी। हालांकि, पहले चरण का सीट चार्ट अभी जारी नहीं किया गया है।
पिछले शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 2,850 सीटें थीं, जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 2,700 सीटें थीं। इस बार सीटों की संख्या में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की ओर से कॉलेजों की मान्यता और सीट बढ़ाने की प्रक्रिया अभी भी जारी है। ऐसे में काउंसलिंग के दौरान कुछ सीटों में कमी या बढ़ोतरी संभव है। मेडिकल काउंसलिंग के चौथे चरण के लिए भी बदलाव का प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें इसे हाइब्रिड मॉडल के बजाय पूरी तरह ऑनलाइन करने का सुझाव दिया गया था, लेकिन इस प्रस्ताव को भी शासन की मंजूरी नहीं मिली है। प्रदेश में वर्तमान में 19 सरकारी और 14 निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।



















