NEET PG cutoff controversy: पर्सेंटाइल घटाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

neet pg 2025-26 काउंसलिंग के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को कम करने के निर्णय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में कई याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनम
NEET PG 2025-26 काउंसलिंग के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को कम करने के निर्णय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में कई याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें पर्सेंटाइल घटाने के फैसले को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए एक 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी NEET PG में क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाने से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और संबंधित पक्षों की राय को शामिल करेगी। अदालत ने निर्देश दिया कि कमेटी को सभी संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करने चाहिए, जिसमें केंद्र सरकार, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS), मेडिकल संस्थान और अन्य हितधारक शामिल होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कमेटी को सभी सुझावों और पहलुओं पर विस्तार से विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। अदालत ने कहा कि कमेटी को अपनी रिपोर्ट 8 हफ्तों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी। यह मामला NEET PG 2025-26 की काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित है, जिसमें कुछ उम्मीदवारों और पक्षों ने पर्सेंटाइल में बदलाव को लेकर आपत्ति जताई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पर्सेंटाइल में परिवर्तन का प्रभाव मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया और सीट आवंटन पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करने का निर्णय लिया है।



















