Action against Fake Cheese and Butter: महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ के बाद अब गुजरात में 'एनालॉग पनीर' पर लगा बैन

गुजरात सरकार ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद अब एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
गुजरात सरकार ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद अब एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय फूड सेफ्टी विभाग द्वारा की गई जांच में कई अनियमितताओं के सामने आने के बाद लिया गया है। राज्य सरकार ने होटल, रेस्तरां, डेयरी पार्लर और व्यापारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल मानकों के अनुरूप असली डेयरी उत्पादों का ही उपयोग करें और उनकी बिक्री करें। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने भी इसी प्रकार के प्रतिबंध को लागू किया था, जिसमें नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाई गई थी। सरकार का कहना है कि एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचना उपभोक्ताओं को गुमराह करना है। अब गुजरात ऐसा कदम उठाने वाला तीसरा राज्य बन गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार कितनी गंभीर है।
गुजरात सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य में कोई भी होटल, रेस्तरां, डेयरी पार्लर, सुपरमार्केट या व्यापारी एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर का उत्पादन, बिक्री, भंडारण या परिवहन नहीं कर सकेगा। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फूड सेफ्टी विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों से खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर उनकी जांच की थी, जिसमें कई ऐसे उत्पाद मिले जो डेयरी उत्पाद के रूप में बेचे जा रहे थे, लेकिन वे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। इस जांच के आधार पर सरकार ने पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।



















