Rising Cancer Cases in Youth: कम उम्र में कैंसर के बढ़ते मामले, नई स्टडी में खुलासा

हाल के वर्षों में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, विशेष रूप से युवा पीढ़ी में। कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार, अब 20 से 40 साल की उम्र के लोग भी इस जा
हाल के वर्षों में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, विशेष रूप से युवा पीढ़ी में। कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार, अब 20 से 40 साल की उम्र के लोग भी इस जानलेवा बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इस संदर्भ में, अमेरिका की Washington University School of Medicine द्वारा की गई एक नई स्टडी ने इस समस्या के पीछे के कारणों को उजागर किया है। इस अध्ययन में 1.5 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया है, जिससे यह पता चला है कि आज की युवा पीढ़ी की बायोलॉजिकल उम्र, यानी शरीर की वास्तविक उम्र, उनकी असली उम्र से तेजी से बढ़ रही है। यह बदलाव कैंसर के मामलों में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है।
इस अध्ययन में यह भी पाया गया है कि 1965 से 1974 के बीच जन्मे लोगों की तुलना में 1990 के बाद जन्मे लोगों में बायोलॉजिकल और असली उम्र के बीच का अंतर अधिक है। इसके परिणामस्वरूप, 1990 के दशक में जन्मे लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 1960 के दशक में जन्मे लोगों की तुलना में कई गुना अधिक है। गाजियाबाद के मैक्स हॉस्पिटल के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर के अनुसार, कम उम्र में कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारक हैं, जैसे मोटापा, व्यायाम की कमी, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, खराब नींद, तनाव, धूम्रपान और शराब का सेवन। ये सभी आदतें शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं।
डॉ. कपूर ने यह भी बताया कि बायोलॉजिकल एज को मापने का कोई विशेष मेडिकल टेस्ट उपलब्ध नहीं है। इसे डीएनए में होने वाले बदलाव, ब्लड मार्कर और टेलोमेयर जैसी जांचों के माध्यम से आंका जाता है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यदि शरीर समय से पहले बूढ़ा होने लगे, तो कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए, युवाओं को अपनी जीवनशैली पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि वे इस गंभीर बीमारी से बच सकें।


















