Kidney Donation Not Illegal Without Close Relation: कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति निकट संबंधी नहीं है, तो भी किडनी दान करना अवैध नहीं है। अदालत ने
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति निकट संबंधी नहीं है, तो भी किडनी दान करना अवैध नहीं है। अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए एक मामले में रोक हटा दी, जिसमें एक मरीज को उसके पूर्व कार चालक की पत्नी द्वारा किडनी दान किए जाने की अनुमति मांगी गई थी। न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने स्पष्ट किया कि यदि किडनी दान के बदले धन के लेन-देन का कोई प्रमाण नहीं है और दान स्वेच्छा से किया जा रहा है, तो केवल रिश्ते के दस्तावेजी प्रमाण के अभाव में इसे अवैध नहीं ठहराया जा सकता। यह निर्णय उन लोगों के लिए एक राहत की बात है जो बिना किसी निकट संबंध के भी अंगदान करना चाहते हैं।
इस मामले में, गैर-रिश्तेदारों के अंगदान की अनुमति देने वाली आथराइजेशन कमेटी ने यह कहते हुए अनुमति देने से मना कर दिया था कि दाता और प्राप्तकर्ता के बीच संबंध का पर्याप्त दस्तावेजी प्रमाण नहीं है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए कहा कि दोनों के पारिवारिक मित्र होने का कोई रिकार्ड भी उपलब्ध नहीं है। हाई कोर्ट ने कमेटी के पूर्व निर्णय को रद करते हुए उसे एक सप्ताह के भीतर मामले पर नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता सुनीता खाड़ा के पति चिंटू की दोनों किडनियां लगभग काम करना बंद कर चुकी हैं और चिकित्सकों ने बताया कि उनका जीवन बचाने के लिए तत्काल किडनी प्रत्यारोपण जरूरी है।



















