Health Facilities Revamped in Uttarakhand: धामी सरकार की पहल से सुधरी देवभूमि की सेहत

उत्तराखंड, जो विषम भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से घिरा हुआ है, में पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं का कायाकल्प हुआ है, जिसकी कल्पना
उत्तराखंड, जो विषम भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से घिरा हुआ है, में पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं का कायाकल्प हुआ है, जिसकी कल्पना एक दशक पहले करना भी मुश्किल था। वर्ष 2017 के बाद से, विशेषकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने 'अंतिम छोर पर खड़े नागरिक' तक उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस पहल ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा दी है, जिससे अब लोग इमरजेंसी की स्थिति में मैदानी इलाकों की ओर दौड़ लगाने के बजाय अपने ही राज्य में उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के सभी 13 जिलों में कम से कम एक सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिससे चिकित्सा शिक्षा में भी वृद्धि हो सके। अल्मोड़ा और हरिद्वार में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एमबीबीएस की सीटें बढ़ी हैं, और पिथौरागढ़ तथा रुद्रपुर में अस्पतालों का संचालन शुरू हो चुका है। टिहरी और पौड़ी में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
इसके अलावा, ऋषिकेश एम्स के साथ-साथ ऊधमसिंह नगर के किच्छा में एम्स का सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। देहरादून के हरावाला में एक 300 बेड का आधुनिक कैंसर अस्पताल भी तैयार किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए, एम्स ऋषिकेश ने हेली-एंबुलेंस सेवा शुरू की है, जो पूरी तरह निःशुल्क है। इस सेवा के तहत, सड़क दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को पहाड़ों से सीधे एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही, दूरस्थ क्षेत्रों में ब्लड सैंपल लाने और जीवनरक्षक दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल उपयोग किया जा रहा है, जिससे दवाओं की आपूर्ति में तेजी आई है।



















