Kota: मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत के बाद हंगामा, परिजनों और स्टाफ में विवाद; तीन घंटे किया कार्य बहिष्कार

राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। यह घटना उस समय हुई जब 70 वर्षीय अमर सिंह, जो लकवे की शिकायत क
राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। यह घटना उस समय हुई जब 70 वर्षीय अमर सिंह, जो लकवे की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती थे, की शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उन्हें उचित उपचार नहीं दिया और वीआईपी विजिट के नाम पर उन्हें आईसीयू के बेड नंबर 1 से बेड नंबर 16 पर शिफ्ट कर दिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, लेकिन स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस हंगामे के दौरान परिजनों और अस्पताल के स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। एक युवक को हिरासत में भी लिया गया। इसके विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने तीन घंटे तक कार्य बहिष्कार किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं।
अमर सिंह के परिजनों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल के स्टाफ पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उनकी तबीयत बिगड़ी, तो स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि सुबह वार्ड राउंड के दौरान मरीज की मौत हुई, जिसके बाद परिजनों ने मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. अर्पित सिंघल और अन्य डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि डॉ. अर्पित सिंघल का मरीज के उपचार से कोई संबंध नहीं था, क्योंकि मरीज दूसरी यूनिट में भर्ती था। इसके बावजूद परिजनों ने उन पर हमला किया।



















