Medical malpractice in Azamgarh: नवजात बच्चे का काटना पड़ा हाथ, तीन डाक्टरों पर मुकदमा दर्ज

आजमगढ़ जिले में एक नवजात बच्चे के हाथ काटने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। यह घटना कप्तानगंज थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने
आजमगढ़ जिले में एक नवजात बच्चे के हाथ काटने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। यह घटना कप्तानगंज थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने गलत इलाज के कारण नवजात के हाथ काटने के मामले में तीन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब चंद्रकेश यादव ने अपनी गर्भवती पत्नी साधना यादव को 14 जून को कप्तानगंज स्थित सुरक्षा पाली क्लीनिक में भर्ती कराया। दो दिन बाद वहां नवजात का जन्म हुआ, लेकिन आरोप है कि जन्म के बाद बिना आवश्यक चिकित्सकीय जांच के नवजात की दाहिनी कलाई से रक्त निकाला गया। इसके बाद, पीलिया की जांच के नाम पर परिवार को गुमराह किया गया।
बाद में, नवजात को गंभीर बताकर मनीष पांडेय के चाइल्ड केयर क्लीनिक भेजा गया, जहां उसे आइसीयू में भर्ती किया गया। वहां पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये का शुल्क लिया गया और स्वजन को बच्चे से मिलने नहीं दिया गया। नवजात की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन डॉक्टरों ने उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए। अंततः, स्वजन किसी तरह से जोर-जबरदस्ती कर उसे जेपीएस अस्पताल लखनऊ ले गए। वहां जांच में पता चला कि जन्म के समय ही नवजात का गलत इलाज हुआ था, जिसके चलते उसकी जान बचाने के लिए उसका हाथ काटना पड़ा।



















