Operation negligence leads to hefty fine: ऑपरेशन के दौरान पेट में तौलिया छोड़ने पर दो महिला डॉक्टरों पर 17 लाख का जुर्माना

पिलखुवा, हापुड़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक गंभीर चिकित्सा लापरवाही के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दो महिला डॉक्टरों को 17 लाख रुपये का
पिलखुवा, हापुड़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक गंभीर चिकित्सा लापरवाही के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दो महिला डॉक्टरों को 17 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। यह मामला उस समय सामने आया जब एक गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में तौलिया छोड़ दिया गया था। आयोग ने शिकायतकर्ता को उपचार पर हुए खर्च, मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के लिए यह राशि अदा करने का निर्देश दिया है। आयोग की पीठ में अध्यक्ष भोपाल सिंह और सदस्य संतोष रावत तथा राजीव कुमार सिंह शामिल थे। उन्होंने मीना पत्नी नियाज अहमद की शिकायत पर यह निर्णय सुनाया। महिला ने आयोग में दायर वाद में बताया कि उसका ऑपरेशन 26 फरवरी 2014 को रामा हॉस्पिटल में डॉ. मोनिका और डॉ. रेणुका द्वारा किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसे लगातार पेट में दर्द की शिकायत रही, लेकिन डॉक्टरों ने उसकी समस्याओं का समाधान नहीं किया।
महिला ने जब दर्द से राहत नहीं पाई, तो उसने दूसरे अस्पताल में जांच कराई। जांच के दौरान एक्स-रे में यह खुलासा हुआ कि ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में तौलिया रह गया था। इसके बाद उसे दूसरे अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा, जिसमें पेट से तौलिया निकाला गया। इस उपचार पर महिला को लगभग 1.70 लाख रुपये का खर्च आया। महिला ने डॉक्टरों से इस राशि की वापसी के लिए संपर्क किया, लेकिन जब कोई समाधान नहीं मिला, तो उसने 1 अगस्त 2018 को जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।



















