Electricity Demand in Next 7 Years: अगले 7 सालों में देश में दोगुनी होगी बिजली की मांग, यूपी की डिमांड पूरी करना होगी सबसे बड़ी चुनौती

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। हाल ही में राज्य सभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, अगले सात वर्षों में भारत में बिजली की अधिकतम मांग लगभग दोगुनी हो जाएगी। मौजूदा वित्ती
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। हाल ही में राज्य सभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, अगले सात वर्षों में भारत में बिजली की अधिकतम मांग लगभग दोगुनी हो जाएगी। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान देश में बिजली की अधिकतम (पीक) मांग 289 गीगावाट रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2033-34 तक यह बढ़कर 446 गीगावाट हो जाने की संभावना है। यह वृद्धि न केवल देश के विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दौरान, देश की कुल ऊर्जा आवश्यकता 1929 बिलियन यूनिट से बढ़कर 3215 बिलियन यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है। इस संदर्भ में, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार से अपील की है कि वह विद्युत उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ाए।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार को बिजली क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि होने की संभावना है, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार को विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई उत्पादन परियोजनाओं की स्थापना करनी चाहिए और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करना चाहिए। वर्तमान में, देश की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 5,48,858 मेगावाट (लगभग 548.86 गीगावाट) है। इस क्षमता में आने वाले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि करनी होगी, अन्यथा राज्यों को बिजली उपलब्ध कराने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
















