Data Corridor in UP: यूपी में बनेगा देश का पहला 'डाटा कॉरिडोर', अमेरिकी कंपनी BCG तैयार करेगी 6 लाख करोड़ का मास्टर प्लान

हेमंत श्रीवास्तव, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बनते डाटा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उत्तर प
हेमंत श्रीवास्तव, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बनते डाटा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश में देश का पहला डाटा कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई जा रही है। इस कॉरिडोर के विकास के लिए अमेरिकी कंपनी बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप (बीसीजी) को चुना गया है। बीसीजी द्वारा छह महीने के भीतर इस कॉरिडोर का रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसके बाद पहले चरण में छह गीगावाट क्षमता के डाटा क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। यह कदम न केवल प्रदेश की तकनीकी क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि डाटा प्रबंधन में भी एक नई दिशा देगा।
इस डाटा कॉरिडोर के विकास की जिम्मेदारी राज्य परिवर्तन आयोग को सौंपी गई है। आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बीसीजी को रोडमैप तैयार करने के लिए चुना गया है। प्रत्येक गीगावाट क्षमता के डाटा सेंटर की स्थापना की लागत लगभग एक लाख करोड़ रुपये होगी। बीसीजी इस रोडमैप को तैयार करने से पहले प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मिट्टी की जांच और पानी तथा बिजली की उपलब्धता का अध्ययन करेगी। डाटा सेंटर के संचालन के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली और पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, जिसके लिए उपयुक्त स्थान की पहचान करना एक चुनौती है।



















