Youth Empowerment and Data: राहुल गांधी का प्रयागराज में छात्रों को संबोधन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों के दर्द और डेटा के महत्व पर चर्चा की। उ
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों के दर्द और डेटा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में देश की तरक्की का आधार युवाओं की ताकत और उनका डेटा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि बिना डेटा के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि युवाओं का डेटा और उनकी क्षमता का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि 1,000 में से केवल 12 लोगों को स्थायी नौकरी मिलती है, जबकि बड़ी कंपनियों को युवा छात्रों का डेटा सौंप दिया जाता है। इसके बाद युवाओं से कहा जाता है कि वे रील्स और कंटेंट बनाएं। राहुल गांधी ने इसे 21वीं सदी का नया नशा बताया।
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं ने अंधेरे में रोशनी फैलाई है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के युवाओं ने डर का सामना किया है और बदलाव के लिए काम किया है। राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पूरा सिस्टम बीजेपी, आरएसएस और पूंजीपतियों के फायदे के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीजेपी का बैंक बैलेंस 10 हजार करोड़ रुपये है और आरएसएस के प्रचारक संस्थानों में बैठे हैं। इस सिस्टम ने नौकरियों को खत्म कर दिया है और विश्वविद्यालयों पर कब्जा कर लिया है।
राहुल गांधी ने युवाओं को नसीहत दी कि हमें नफरत और हिंसा के साथ नहीं चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की संस्कृति सच्चाई और अहिंसा की है। किसी भी छात्र के दिल में नफरत नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्यार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमें इस भ्रष्ट सिस्टम को प्यार और स्नेह से खत्म करना होगा। राहुल गांधी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भारत की आत्मा हैं और भविष्य हैं। उन्हें नफरत या हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए, बल्कि प्यार के साथ आगे बढ़ना चाहिए।















