Smart City Development in Aligarh: अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने में 970 करोड़ खर्च, धंस रहीं हैं नई बनी सड़कें; अब करेगी समिति जांच

अलीगढ़ में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगभग 970 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए इन कार्यों की जांच
अलीगढ़ में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगभग 970 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए इन कार्यों की जांच के आदेश शासन ने दिए हैं। कोल विधायक अनिल पाराशर की शिकायत के बाद राज्य मिशन निदेशक प्रवीण कुमार लक्षकार ने मंडलायुक्त संगीता सिंह को निर्देशित किया है कि वे सभी कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और सरकारी धन के उपयोग की जांच कराकर एक स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस आदेश के बाद स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
शासन के पत्र में कहा गया है कि नगर विकास विभाग के उप सचिव के माध्यम से कोल विधायक की शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के गठन के बाद किए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा, सरकारी धन के दुरुपयोग और समयबद्धता के अभाव की भी शिकायत की गई है। ऐसे में उच्च स्तरीय जांच कराकर बिंदुवार रिपोर्ट मिशन निदेशालय को भेजने का निर्देश दिया गया है। अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए 2017 में चयनित किया गया था, जिसके तहत सड़क, ड्रेनेज, स्मार्ट रोड, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, पार्क, चौराहों का सुंदरीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, स्मार्ट क्लास, एलईडी स्ट्रीट लाइट और अन्य परियोजनाओं पर 970 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
















