UAPA Case Update: उमर खालिद ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली दंगे से जुड़े साजिश रचने के मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद ने एक बार फिर अंतरिम जमानत की मांग को लेकर दिल्ली हाई क
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली दंगे से जुड़े साजिश रचने के मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद ने एक बार फिर अंतरिम जमानत की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खालिद की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ द्वारा की जाएगी। यह मामला पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि खालिद पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रची थी। इस याचिका के माध्यम से खालिद ने अदालत से अनुरोध किया है कि उन्हें तब तक के लिए अंतरिम जमानत दी जाए जब तक कि सुप्रीम कोर्ट यह तय नहीं कर लेता कि क्या संविधान के अनुच्छेद-21, जो जीवन और व्यक्तिगत आजादी का अधिकार प्रदान करता है, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा-43डी (पांच) के तहत जमानत पर लगी सख्त कानूनी रोक के खिलाफ लागू होता है या नहीं। इस मामले में खालिद की याचिका को लेकर न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उमर खालिद की याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि वह पिछले कुछ समय से न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत की मांग को लेकर कई बार अदालत का रुख कर चुके हैं। खालिद ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई ठोस सबूत नहीं हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है। उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पहले भी कई बार इस मामले की गंभीरता को समझते हुए सुनवाई की तारीखें निर्धारित की हैं। खालिद का यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
















