Rakhi Special: राखी भेजने वालों के लिए बड़ी राहत, समय पर नहीं पहुंचा स्पीड पोस्ट तो करें शिकायत, मिलेगा रिफंड

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस खास अवसर पर, जो भाई-बहन एक-दूसरे से दूर रहते हैं, वे स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री के माध्यम स
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस खास अवसर पर, जो भाई-बहन एक-दूसरे से दूर रहते हैं, वे स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री के माध्यम से राखी और उपहार भेजते हैं, ताकि त्योहार के दिन उनका प्यार अपनों तक पहुंच सके। जैसे-जैसे रक्षाबंधन नजदीक आता है, भारतीय डाक विभाग पर पार्सल और राखियों का दबाव भी बढ़ जाता है। हालांकि, कई बार भीड़ के कारण पार्सल समय पर नहीं पहुंच पाता, जिससे त्योहार का उत्साह थोड़ा फीका पड़ जाता है। यदि आपने भी इस बार भारतीय डाक विभाग के जरिए राखी या कोई गिफ्ट भेजा है और उसकी डिलीवरी में देरी हो रही है, तो अब सिर्फ इंतजार करने की जरूरत नहीं है। विभाग ने ऐसी स्थिति में ग्राहकों के लिए शिकायत दर्ज कराने और कुछ मामलों में रिफंड लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। 13 अंकों के नंबर से ऐसे करें पार्सल ट्रैक। स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री से पार्सल बुक कराने के बाद डाकघर की ओर से एक रसीद दी जाती है, जिसमें 13 अंकों का Consignment Number होता है। इसी नंबर की मदद से भारतीय डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Track N Trace ऑप्शन के जरिए पार्सल की मौजूदा स्थिति देखी जा सकती है। ट्रैकिंग के दौरान यह जानकारी मिल जाती है कि पार्सल आखिरी बार किस तारीख को किस डाकघर या प्रोसेसिंग हब तक पहुंचा था। यदि वेबसाइट पर कोई अपडेट दिखाई नहीं देता, तो इंडिया पोस्ट के राष्ट्रीय कस्टमर केयर नंबर 1800-266-6868 पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है।
यदि ट्रैकिंग के दौरान पता चलता है कि पार्सल लंबे समय से एक ही जगह पर रुका हुआ है या उसकी डिलीवरी नहीं हुई है, तो ग्राहक भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए वेबसाइट के कंप्लेंट सेक्शन में जाकर रेजिस्टर कंप्लेंट ऑप्शन चुनना होगा। इसके बाद संबंधित सेवा का चयन कर बुकिंग की तारीख, भेजने वाले और प्राप्तकर्ता का पता, मोबाइल नंबर समेत अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी। शिकायत दर्ज होने के बाद एक रेफरेंस नंबर जारी किया जाएगा, जिसकी मदद से शिकायत की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। भारतीय डाक विभाग के नियमों के मुताबिक, यदि तय समय-सीमा के भीतर दस्तावेज या पार्सल की डिलीवरी नहीं हो पाती है, तो ग्राहक को पूरा पोस्टेज शुल्क रिफंड किया जाता है। यानी यदि सेवा निर्धारित समय के अनुसार नहीं मिलती, तो ग्राहक रिफंड का दावा कर सकता है।



















