ABVP dismisses ink-throwing incident on AISA chief Neha Bora as publicity stunt: एबीवीपी ने आइसा प्रमुख नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना को पब्लिसिटी स्टंट बताया

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने के मामले में आरोपों को खारिज
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने के मामले में आरोपों को खारिज कर दिया है। यह घटना शुक्रवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा की ओर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान हुई। एक व्यक्ति ने आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी। आइसा ने इस घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोग नेहा बोरा के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। एबीवीपी ने कहा कि ये आरोप निराधार हैं। एबीवीपी की जेएनयू इकाई की उपाध्यक्ष अनुपमा गढ़वाल ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि यह घटना पब्लिसिटी स्टंट से ज्यादा कुछ नहीं है और ऐसा लगता है कि यह प्री-प्लान्ड था। उन्होंने कहा कि आइसा को छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन वह राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। अनुपमा ने यह भी कहा कि जब NEET का पेपर लीक हुआ, तब सभी ने विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उमर खालिद की रिहाई की मांग की गई थी और अब इसी तरह का प्रोपेगेंडा झारखंड के आंदोलन में फैलाया जा रहा है। अनुपमा ने सवाल उठाया कि जहां पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हो रहा था, वहां उसी दिन स्याही फेंकने की घटना क्यों हुई?

















