Arrest of Sadhu for Rape in Mathura: मथुरा में किरायेदार की बेटी से दुष्कर्म का आरोपी साधु गिरफ्तार, मोबाइल से मिले वीडियो सबूत

मथुरा के गोवर्धन में एक 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने आरोपित साधु को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जानकारी मिलने पर स्थ
मथुरा के गोवर्धन में एक 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने आरोपित साधु को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस को आरोपित के मोबाइल फोन से बालिका के साथ की गई हरकतों का वीडियो भी मिला है, जो इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत के रूप में कार्य करेगा। आरोपित साधु का नाम भजो हरिदास है, जो दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल का निवासी है। वह तीन वर्ष पहले गोवर्धन आया था और इंदिरा कालोनी में एक मकान खरीदकर रहने लगा था। उसने पीड़ित परिवार को छह महीने पहले कमरा किराए पर दिया था। घटना के दिन, बुधवार रात साढ़े नौ बजे, बालिका ने अपने परिवार को आरोपित की करतूत के बारे में बताया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपित पिछले कुछ समय से उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। बुधवार की शाम, जब पीड़िता के माता-पिता घर पर नहीं थे, तब आरोपित ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और बालिका का चिकित्सीय परीक्षण कराया। आरोपित को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने बालिका को वीडियो लोगों को दिखाने की धमकी देकर डराया था, जिससे वह उसकी हरकतों के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकी।
इस मामले ने क्षेत्र में एक बार फिर से सुरक्षा और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और पुलिस से मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेंगे और आरोपित को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। इस घटना ने न केवल पीड़िता के परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और न्याय की आवश्यकता है ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसा न हो सके।
















