Rohtak News: वीर सेन बने दिल्ली डिपो में रोडवेज वर्कर्स यूनियन इंटक के प्रधान

रोहतक से संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन इंटक ने बुधवार को दिल्ली डिपो के प्रधान पद पर परिचालक वीर सेन की नियुक्ति की है।
रोहतक से संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन इंटक ने बुधवार को दिल्ली डिपो के प्रधान पद पर परिचालक वीर सेन की नियुक्ति की है। इस अवसर पर वरिष्ठ उप प्रधान परिचालक कृष्ण, उप प्रधान परिचालक विकास अहलावत और चालक सुधीर की भी नियुक्ति की गई। यह बैठक दिल्ली डिपो में आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, खाली पदों पर भर्ती करने, काटे गए अर्जित अवकाश के आदेश वापस लेने, चालक-परिचालक का वेतनमान बढ़ाने और निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान वीरेंद्र सिंगरोहा ने की, जिन्होंने इंटक यूनियन के पुनर्गठन पर भी विचार-विमर्श किया। डिपो प्रधान निरीक्षक रघुवेंद्र सिंह 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके चलते सभी सदस्यों की सहमति से नई कमेटी का गठन किया गया। नई कमेटी में सचिव की जिम्मेदारी चालक धर्मवीर को और सहायक सचिव सुधीर को सौंपी गई है। इसके अलावा, राज्य उप प्रधान चंद्रहर्ष ने बताया कि कैशियर चालक प्रदीप और सहायक कैशियर परिचालक प्रवीण कुमार को बनाया गया है। संगठन सचिव नरेंद्र और सहायक संगठन सचिव कपिल को भी कमेटी में शामिल किया गया है। प्रेस प्रवक्ता देवेंद्र सिंह और कृष्णा को भी इस नई कमेटी में स्थान दिया गया है। ऑडिटर की जिम्मेदारी रवि प्रकाश को सौंपी गई है। इसके साथ ही सुरेंद्र सिंह और जयपाल को भी कमेटी में शामिल किया गया है। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी चालक यज्ञदत्त शर्मा को सौंपी गई है। इस प्रकार, नई कमेटी के गठन से कर्मचारियों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और सभी ने मिलकर संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया है।
इस बैठक में कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को उठाते हुए कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा, खाली पदों पर भर्ती की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि उनके अर्जित अवकाश के कटने के आदेश को वापस लिया जाना चाहिए, जिससे उन्हें अपनी मेहनत का उचित मुआवजा मिल सके। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकजुटता के साथ इन मांगों का समर्थन किया और संगठन की मजबूती के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके। इस बैठक में सभी सदस्यों ने अपनी आवाज उठाई और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

















