Resort Misrepresented as Homestay: पन्ना टाइगर रिजर्व में रिसॉर्ट को होम स्टे बताकर किया गुमराह

पन्ना टाइगर रिजर्व के ईको सेंसिटिव जोन में छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव में एक आलीशान रिसॉर्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह रिसॉर्ट लगभग पांच एकड़ भूमि पर नि
पन्ना टाइगर रिजर्व के ईको सेंसिटिव जोन में छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव में एक आलीशान रिसॉर्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह रिसॉर्ट लगभग पांच एकड़ भूमि पर निर्मित है, जिसे नियमों के खिलाफ होम स्टे बताने का प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दावों से न केवल स्थानीय लोगों को गुमराह किया जा रहा है, बल्कि सरकार की होम स्टे योजना की मूल भावना को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार और उनकी पत्नी हिमानी सरद ने इस भूमि को खरीदा और रिसॉर्ट का निर्माण कराया है, जो होम स्टे की अवधारणा से पूरी तरह भिन्न है।
इस योजना का उद्देश्य जंगल और पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसके तहत स्थानीय लोग अपने घरों में सीमित संसाधनों के साथ पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था करते हैं, जिससे वे ग्रामीण संस्कृति और जीवनशैली का अनुभव कर सकें। लेकिन इस रिसॉर्ट का स्वरूप एक व्यावसायिक इकाई जैसा है, जिसमें बड़े-बड़े कॉटेज बनाए गए हैं, जो एक-दूसरे से काफी दूरी पर स्थित हैं। यह निर्माण और सुविधाएं सामान्य होम स्टे की परिकल्पना से मेल नहीं खातीं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है।

















