Announcement by CM Yogi Adityanath: भदोही का नाम फिर होगा संत रविदास नगर

वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत गुरु रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत गुरु रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर रखा जाएगा। यह घोषणा समाजवादी पार्टी द्वारा संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही करने के बाद की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार संत रविदास नगर की पुरानी पहचान को पुनर्स्थापित करने का निर्णय ले चुकी है। उन्होंने कहा कि यह नाम कालीन नगरी की पहचान को भी दर्शाएगा। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने महापुरुषों की पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार ने इस नाम को बहाल करने का ठान लिया है। संत रविदास जी की तपोभूमि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के नाते यह नाम महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती केवल एक धार्मिक अवसर नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण का पर्व होगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सदियों पहले जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, उसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने गुरु परंपरा को भारत की सनातन संस्कृति की आत्मा बताया और कहा कि संतों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक अध्यात्म, सेवा और समानता का संदेश पहुंचाया। उन्होंने मंच पर उपस्थित संतों का स्वागत करते हुए विशेष रूप से संत निरंजन दास महाराज का अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भाजपा पूरे देश में संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता अभियान चला रही है। यह अभियान गांव-गांव और घर-घर पहुंचेगा ताकि संत रविदास का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने संत रविदास जी की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल भक्ति की वाणी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर का घोष है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गरीबों को नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराने के कार्य को संत रविदास जी के समतामूलक समाज के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि काशी की पावन धरती पर संत रविदास जी ने भक्ति, श्रम और मानवता का संदेश दिया है। अंत में, योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास जी के संदेश को समाज में फैलाने का आह्वान किया और कहा कि समरस समाज का निर्माण ही संत रविदास जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

















