Only 3 out of 6500 Kashmiri families returned: घाटी में वापसी क्यों नहीं चाहते हैं अन्य परिवार?

कश्मीरी परिवारों की घाटी में वापसी की प्रक्रिया में केवल 3 परिवारों ने ही लौटने का निर्णय लिया है। सरकार ने उन कारणों की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया है, जिस
कश्मीरी परिवारों की घाटी में वापसी की प्रक्रिया में केवल 3 परिवारों ने ही लौटने का निर्णय लिया है। सरकार ने उन कारणों की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया है, जिसके चलते अन्य परिवार वापसी नहीं कर पा रहे हैं। इस पैनल की अगुवाई राधा मोहन दास अग्रवाल कर रहे हैं, जिन्होंने विस्थापित हिंदू माइग्रेंट आबादी के रिहैबिलिटेशन के लिए विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें विस्थापित परिवारों की संख्या, संपत्तियों की रिकवरी और सुरक्षा, कानूनी मामलों का निपटारा और रिहैबिलिटेशन पॉलिसी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बताया कि कश्मीरी माइग्रेंट्स की राहत और रिहैबिलिटेशन के तहत 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
हालांकि, इसके बावजूद अधिकतर परिवारों ने घाटी में लौटने की इच्छा व्यक्त नहीं की है। यह स्थिति विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कारणों से उत्पन्न हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कश्मीरी परिवारों की वापसी एक जटिल प्रक्रिया है।

















