New Twist in Extortion Case: रंगदारी प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने वाली संचालिका का वीडियो वायरल

स्वार (रामपुर) में रंगदारी प्रकरण में बुधवार को एक नया मोड़ आया, जब एक निजी अस्पताल की संचालिका ने एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने अपनी ओर से दर्ज क
स्वार (रामपुर) में रंगदारी प्रकरण में बुधवार को एक नया मोड़ आया, जब एक निजी अस्पताल की संचालिका ने एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने अपनी ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आरोपों को निराधार बताते हुए चेयरमैन पद के प्रत्याशी शाह आलम खान को बेगुनाह करार दिया। नाजमा बी नाम की इस संचालिका ने कहा कि उन्होंने दबाव में आकर यह एफआईआर दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि शाह आलम खान ने उनकी मदद की थी और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया। यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले में नई चर्चाएँ शुरू हो गई हैं और अब पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि 19 मार्च 2026 को नाज हॉस्पिटल की संचालिका ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वार्ड नंबर तीन, मुहल्ला रसूलपुर निवासी शाह आलम खान उनसे हर माह 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगते हैं। आरोप था कि यदि वह रकम नहीं देतीं, तो उन्हें अपहरण और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इसके अलावा, झूठी शिकायतें कराकर अस्पताल को सीज कराने का प्रयास भी किया जाता था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। अब जब नाजमा बी ने वीडियो में कहा कि एफआईआर दबाव में दर्ज कराई गई थी, तो यह सवाल उठता है कि यदि यह सच है, तो दबाव बनाने वाले कौन थे? और किसके कहने पर यह शिकायत दर्ज की गई थी?
















