Political Malice in Kanpur: बसपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई प्राथमिकी, निष्पक्ष जांच की मांग

कानपुर देहात में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का मामला सामने आया है। यह प्राथमिकी उस दिन दर्ज
कानपुर देहात में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का मामला सामने आया है। यह प्राथमिकी उस दिन दर्ज की गई जब बसपा का एक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस घटना के बाद बसपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एडीएम न्यायिक और एसपी से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की। बसपा के मुख्य मंडल प्रभारी जितेंद्र संखवार, मंडल प्रभारी अजय कुमार, जिलाध्यक्ष जवाहरलाल संखवार, और अन्य नेताओं ने एडीएम न्यायिक दिग्विजय सिंह को बताया कि 29 जुलाई को अकबरपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से हुआ था। इसके बावजूद, सम्मेलन के आयोजकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना राजनीतिक दबाव की कार्रवाई प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्राथमिकी में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जिनका सम्मेलन से कोई संबंध नहीं है। इस प्रकार की कार्रवाई से बसपा कार्यकर्ताओं में असंतोष और आक्रोश फैल गया है।
बसपा के नेताओं ने एडीएम न्यायिक को बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाती है, बल्कि यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ भी है। उन्होंने मांग की कि निर्दोष लोगों के नाम इस प्राथमिकी से हटाए जाएं और इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन किया है और ऐसे किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव का सामना करने के लिए तैयार हैं। इस मामले में एसपी को भी ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस घटना के बाद बसपा कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी के जिला सचिव रामस्वरूप, अभिषेक मिश्रा, रामदुलारे कमल, ज्ञानचंद संखवार, बउआ त्रिवेदी, आरपी गौतम, और आशुतोष जैसे कई अन्य नेता भी इस ज्ञापन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे की कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे। इस प्रकार की घटनाएं न केवल राजनीतिक माहौल को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज में भी तनाव पैदा करती हैं। बसपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर एकजुटता दिखाई है और वे अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।
















