Punjab Politics heats up: भगवंत मान की पैरोल मांग पर कैप्टन और बिट्टू का समर्थन

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके चलते सियासी माहौल गर्म हो चुका है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ-साथ आपस में भी लड़ाई कर रहे हैं। इ
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके चलते सियासी माहौल गर्म हो चुका है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ-साथ आपस में भी लड़ाई कर रहे हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जगतार सिंह हवाड़ा के लिए पैरोल की मांग की है, जो पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी हैं। भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर हवाड़ा की बीमार मां का हवाला देते हुए पैरोल की मांग की है। 10 अगस्त 2026 को इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह और बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने भगवंत मान की इस मांग का समर्थन किया है। वहीं, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इस सबके बीच, पंजाब में कांग्रेस पार्टी दो गुटों में बंटी हुई है, जो एक-दूसरे पर आरोप लगा रही है, लेकिन अवैध खनन के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को घेरने के लिए एकजुट हो गई है।
कांग्रेस नेताओं ने जालंधर में कथित अवैध खनन स्थल का दौरा किया और आरोप लगाया कि राज्य में अवैध खनन के कारण राजस्व में भारी कमी आ रही है। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया है। इसके अलावा, भगवंत मान ने जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में गुरु रविदास वाणी अध्ययन केंद्र का शिलान्यास किया और अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें दोबारा जीताती है, तो वह उनके लिए खजाना खोल देंगे।
लुधियाना से सांसद राजा वड़िंग ने कार्यक्रम में आरएसएस के कुछ लोगों की उपस्थिति की बात कही, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी उत्पन्न हुई। इस सियासी उठापटक के बीच, पंजाब की राजनीति में अगले चरण की गतिविधियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
















