Heart Valve Disease Symptoms: उम्र बढ़ने पर स्टैमिना कम होना दिल के वाल्व की बीमारी का संकेत हो सकता है

डॉ. जॉन जोस ई. क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (cmc), वेल्लोर के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर, डॉ. जॉन जोस ने दिल की बीमारी के बारे में जानकारी दी है, जिसे पिछले कुछ
डॉ. जॉन जोस ई. क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर, डॉ. जॉन जोस ने दिल की बीमारी के बारे में जानकारी दी है, जिसे पिछले कुछ दशकों से उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता रहा है। उम्र बढ़ने के साथ सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना या थोड़ी मेहनत के बाद थकान महसूस होना एक सामान्य प्रक्रिया समझी जाती है। लेकिन यह सोच खतरनाक हो सकती है, क्योंकि शरीर में स्टैमिना की कमी केवल उम्र बढ़ने का असर नहीं है, बल्कि यह दिल के वाल्व की गंभीर बीमारी (Heart Valve Disease) का संकेत भी हो सकता है। यदि इसके लक्षणों को समय पर पहचाना जाए, तो दिल को बड़े जोखिम से बचाया जा सकता है।
धीरे चलने, कम शारीरिक गतिविधि और ऊर्जा की कमी को आमतौर पर उम्र का असर मानकर नजरअंदाज किया जाता था, लेकिन अब यह सोच बदल रही है। स्वस्थ तरीके से उम्र बढ़ाने का मतलब सिर्फ बीमारियों से बचना नहीं है, बल्कि कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना भी है। अब प्रिवेंटिव हेल्थकेयर केवल डॉक्टर के क्लीनिक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह परिवार के स्वास्थ्य कैलेंडर का भी हिस्सा बन गया है। परिवार के सदस्य अपने माता-पिता को स्वास्थ्य जांच कराने और आवश्यक स्क्रीनिंग टेस्ट कराने की याद दिलाते हैं।



















