RBI's Strict Directive: अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटी बैंक शाखाओं में लगेंगी नकली नोट जांचने वाली मशीनें

पीटीआई, मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी बैंकों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में
पीटीआई, मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी बैंकों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में स्थित अपनी शाखाओं में नकली नोटों की पहचान करने वाली मशीनें स्थापित करनी चाहिए। यह कदम नकली नोटों के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है, जिससे न केवल बैंकों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ग्राहकों का विश्वास भी मजबूत होगा। आरबीआई ने पहले अप्रैल में बैंकों को नकली नोटों का पता लगाने, उनकी रिपोर्टिंग करने और उन पर निगरानी रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस दिशा-निर्देश का उद्देश्य बैंकों को नकली नोटों के प्रति सजग बनाना और उनकी पहचान करने की प्रक्रिया को मजबूत करना है।
आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि बैंकों के लिए यह आवश्यक है कि वे कैश संभालने वाले सभी कर्मचारियों को असली नोटों की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में प्रशिक्षण दें। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को नकली नोटों की पहचान करने में सक्षम बनाना है, ताकि वे किसी भी संदिग्ध नोट को तुरंत पहचान सकें और उचित कार्रवाई कर सकें। केंद्रीय बैंक ने अपने हालिया सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया है कि कुछ बैंक नकली नोटों को पकड़ने के मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इस संदर्भ में, बैंकों से अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और नकली नोटों की पहचान करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए कहा गया है।
आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने नकली नोट निगरानी सेल द्वारा जांचे गए आंकड़ों का विश्लेषण करें। इससे बैंकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नकली नोटों के हॉटस्पॉट कहां हैं, और वे ट्रेंड्स पर नजर रख सकेंगे। इसके साथ ही, बैंकों को अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिशों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है, ताकि वे नकली नोटों के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर सकें। यह कदम न केवल बैंकों की सुरक्षा को बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता को भी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
















