Reservation Movement Support: पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का आरक्षण हटाओ आंदोलन में समर्थन

गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने हाल ही में चल रहे रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश में आरक्षण व्यवस्था में
गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने हाल ही में चल रहे रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश में आरक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। उनका मानना है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े तथा जरूरतमंद लोगों को ही आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हार्दिक पटेल ने यह भी बताया कि रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के एक्स अकाउंट पर 55 लाख से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह आंदोलन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था और अब यह इंटरनेट मीडिया पर एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है। पिछले दो दिनों में इस आंदोलन के मुख्य पेज पर प्रति 25 मिनट में एक लाख नए सदस्य जुड़ रहे हैं। आंदोलन के आयोजकों ने हर राज्य के लिए अलग-अलग अकाउंट बनाए हैं और उनका मुख्य संदेश है कि सभी जातियाँ समान हैं। इस आंदोलन पर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
हार्दिक पटेल ने कहा कि जिन परिवारों के सदस्य सरकारी सेवाओं में हैं और जिन्होंने आरक्षण का लाभ उठाकर गरीबी और पिछड़ेपन से उबर लिया है, उन्हें अपने समाज के पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण को स्वेच्छा से त्याग देना चाहिए। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभ मिलना चाहिए, इसलिए संपन्न लोगों को आरक्षण का लाभ छोड़ देना चाहिए। हार्दिक ने यह भी कहा कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है और इसके साथ ही एक जन जागरण और सामाजिक आंदोलन की भी जरूरत है। उनका मानना है कि समाज में अभी भी गरीबी और जातिगत भेदभाव मौजूद है, इसलिए आरक्षण का होना आवश्यक है, लेकिन इसमें सुधार भी जरूरी है।
पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद ही देश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी। हार्दिक पटेल के साथ-साथ अन्य पाटीदार नेता जैसे दिनेश बामणिया और लालजी पटेल ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। वे भी आरक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। आगामी रविवार को पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति, सरदार पटेल ग्रुप और अन्य आंदोलनकारी नेता गांधीनगर में एकजुट होने की योजना बना रहे हैं। बामणिया ने कहा कि आरएचए आंदोलन को भारी समर्थन मिल रहा है और यह राजस्थान के कोटा से संचालित हो रहा है। राज्यवार पेज बनाए जाने के कारण गुजरात में भविष्य में एक और आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

















