Bihar Government's Digital Initiative: 75+ Seniors Can Now Register Land from Home

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठकों को पूरी तरह से डिजिटल और कागज रहित बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठकों को पूरी तरह से डिजिटल और कागज रहित बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में ई-कैबिनेट प्रणाली को लागू करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इस बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें बिहार में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का कार्यालय खोलने के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव भी शामिल है। कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि अब मंत्रियों को कैबिनेट का एजेंडा, बैठक से जुड़े दस्तावेज और निर्णयों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कागज का उपयोग कम होगा, समय और खर्च की बचत होगी, और कैबिनेट का कार्य अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।
मंत्रिमंडल ने पटना जिले के पाटलिपुत्र अंचल स्थित ढकनपुरा मौजा में भवन निर्माण विभाग की एक एकड़ भूमि को एनआईए के कार्यालय-सह-आवासीय परिसर के निर्माण के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार को स्थायी रूप से हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है। यह भूमि हस्तांतरण 57 करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपये के भुगतान पर किया जाएगा। इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने निबंधन प्रक्रिया को और अधिक जनोन्मुख बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। बिहार निबंधन (संशोधन) नियमावली, 2026 के तहत 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के माध्यम से घर बैठे भूमि, प्लॉट और फ्लैट का निबंधन कराने की सुविधा मिलेगी। पहले यह सुविधा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए थी, जिसे अब मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 75 वर्ष कर दिया गया है।
मंत्रिमंडल ने आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पुलिस प्रयोगशाला और अन्य संबंधित संस्थानों को गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में लाने का निर्णय लिया है। इससे वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच अधिक निष्पक्ष और समयबद्ध होगी, जिससे अपराधों के अनुसंधान को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, लघु जल संसाधन विभाग में हाइड्रोलॉजिस्ट, हाइड्रो जियोलॉजिस्ट और जियोफिजिसिस्ट संवर्ग की नियुक्ति के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडल ने दरभंगा और मधुबनी में बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर नई सहकारी चीनी मिलें लगाने का भी निर्णय लिया है। इससे गन्ना किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


















