Restoration of Ancient Temple: सीतामढ़ी में 834 वर्ष प्राचीन श्रीरामजानकी मठ के जीर्णोद्धार का शुभारंभ

सीतामढ़ी में 834 वर्ष पुराना ऐतिहासिक श्रीरामजानकी मठ का जीर्णोद्धार कार्य बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आरंभ किया गया। इस कार्य का शुभारंभ रामायण रिस
सीतामढ़ी में 834 वर्ष पुराना ऐतिहासिक श्रीरामजानकी मठ का जीर्णोद्धार कार्य बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आरंभ किया गया। इस कार्य का शुभारंभ रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में पंडित धूपेश्वर झा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ किया गया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने पूजा-अर्चना कर जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ देखा। चौबे ने रामायण रिसर्च काउंसिल की पहल की सराहना की और इसे भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और रामायण धरोहर के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कार्यक्रम में सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, बिहार सरकार की मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता और विधायक सुनील कुमार पिंटू भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। सभी ने इस निर्माण कार्य की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं और इसे सीतामढ़ी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया।
श्रीरामजानकी मठ का शिलापूजन 25 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किया गया था। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए रामायण रिसर्च काउंसिल ने अब जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया है। इस मठ के प्रभारी विजय कुमार ने कहा कि ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित कर भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि यह मठ केवल एक प्राचीन धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि मां जानकी की पावन जन्मभूमि की आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसका जीर्णोद्धार भारतीय संस्कृति, रामायण परंपरा और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बनेगा।



















