Strange Blue Creatures on Beaches: समुद्र किनारे बिछ गई नीले जीवों की चादर, लोग बोले- ये धरती के नहीं, किसी दूसरे ग्रह के मेहमान हैं

ब्रिटेन के समुद्र तटों पर इन दिनों एक अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है, जिसने न केवल पर्यटकों का ध्यान खींचा है, बल्कि वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। आमतौर
ब्रिटेन के समुद्र तटों पर इन दिनों एक अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है, जिसने न केवल पर्यटकों का ध्यान खींचा है, बल्कि वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। आमतौर पर लहरों, रेत और सीपियों से भरे रहने वाले इन बीचों पर अचानक हजारों चमकीले नीले जीवों की भरमार हो गई है। इन जीवों को देखकर लोग अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। कई पर्यटकों ने इन जीवों को अपने कैमरे में कैद किया है और सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इन्हें दूसरे ग्रह के जीव, यानी 'एलियन' तक बता दिया है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया कि इंग्लैंड के कुम्ब्रिया स्थित सेंट बीस बीच पर इन नीले जीवों की बड़ी संख्या देखी गई है। इसके अलावा, वेल्स के समुद्री तटों पर भी यही दृश्य देखने को मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले एक दशक में इस तरह की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है। इन दुर्लभ जीवों को देखने और उनकी तस्वीरें लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग समुद्र तटों पर पहुंच रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "मैंने वेल्स के बर्थ बीच पर इन असामान्य जीवों को देखा, ये हैं 'बाय-द-विंड सेलर्स' या 'वेलेला वेलेला' और ये कई व्यक्तिगत जीवों की कॉलोनी हैं, जो असली जेलीफिश नहीं हैं।" इस ट्वीट में एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसमें इन जीवों के आकार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वैज्ञानिक इन जीवों को वेलेला वेलेला के नाम से जानते हैं, जबकि आम भाषा में इन्हें 'बाय-द-विंड सेलर्स' कहा जाता है। पहली नजर में ये छोटे नीले जेलीफिश जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तव में ये अकेले जीव नहीं होते। ये कई छोटे जीवों की एक कॉलोनी होती है, जो मिलकर एक जीव की तरह कार्य करती है। इन जीवों की लंबाई लगभग दो इंच होती है और इनकी सबसे खास पहचान इनके शरीर पर बना पारदर्शी पाल है। यही पाल इन्हें समुद्र की सतह पर हवा के सहारे तैरने में मदद करता है। जब तेज पछुआ हवाएं चलती हैं, तो ये समुद्र के भीतर से बहते हुए किनारों तक पहुंच जाते हैं। ये जीव मुख्य रूप से अटलांटिक, प्रशांत और हिंद महासागर में पाए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय ब्रिटेन में पड़ रही भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में ये जीव समुद्र तट तक आ पहुंचे हैं। वर्तमान में वहां का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिसने मौसम की परिस्थितियों को इनके किनारे आने के लिए अनुकूल बना दिया है।



















