Coal India and USA Collaboration: ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

आशीष अंबष्ठ, धनबाद। भारत के ऊर्जा क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया अमेरिका के साथ मिलकर कई महत्वपूर
आशीष अंबष्ठ, धनबाद। भारत के ऊर्जा क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया अमेरिका के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य कोयला उत्पादन, कोयला गैसीकरण, स्वच्छ कोयला तकनीक, कोकिंग और नॉन-कोकिंग कोयले के बेहतर उपयोग तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करना है। हाल ही में कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के अध्ययन दौरे से लौटकर आया है। इस प्रतिनिधिमंडल में कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सनोज कुमार झा, कोल इंडिया के अध्यक्ष बी. साईंराम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दौरे के दौरान अमेरिकी संस्थानों और ऊर्जा विशेषज्ञों के साथ विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी अध्ययन रिपोर्ट कोयला मंत्रालय को सौंप दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। रिपोर्ट में विशेष रूप से कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को गति देने, कोकिंग कोयले की उपलब्धता बढ़ाने, नॉन-कोकिंग कोयले के अधिक वैज्ञानिक उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को अपनाने तथा खनन क्षेत्र में आधुनिक डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। इसके अलावा खनन सुरक्षा, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के उपाय भी सुझाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सहयोग से भारत को ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, आयातित कोकिंग कोयले पर निर्भरता कम करने और घरेलू संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने में मदद मिलेगी। साथ ही कोल इंडिया को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रणाली और वैश्विक स्तर की कार्यप्रणाली अपनाने का अवसर मिलेगा। कोयला मंत्रालय अब इस रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से नई नीतियों और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे देश के ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ-साथ कोयला उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होने की उम्मीद है।



















