Big Update on Hormuz: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बदलेंगे?

दुनियाभर के तेल बाजार की निगाहें ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं। इस समझौते का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल
दुनियाभर के तेल बाजार की निगाहें ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं। इस समझौते का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पश्चिम एशिया का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का आवागमन होता है। यदि यह मार्ग पूरी तरह से खुलता है और तेल की आपूर्ति सामान्य होती है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
हालांकि, भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर हैं। इसका मतलब है कि ग्राहकों को अभी राहत मिली हुई है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हो रही हलचल का सीधा असर पेट्रोल पंप पर नहीं दिख रहा है। यदि ईरान और ओमान के बीच समझौता होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही सामान्य होती है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है। इससे भविष्य में तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है।
भारत में सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें निर्धारित करती हैं। वर्तमान में, ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं झेलना पड़ रहा है। देश में पेट्रोल और डीजल की आखिरी बड़ी कीमत कटौती 25 मई को हुई थी। इसके बाद से बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
हाल ही में, ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.3 फीसदी बढ़कर 83.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 0.3 फीसदी गिरकर 77.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है।



















