Chhattisgarh: राजनांदगांव में EMC 2.0 को मिली मंजूरी, 9,000 रोजगार और 3,000 करोड़ से अधिक निवेश का रास्ता साफ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राजनांदगांव जिले के ग्राम पटेवा में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) की स्थापना को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य में लगभग 9,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे और 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है।
EMC 2.0 योजना के अंतर्गत भारत सरकार ने 432.08 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत के खिलाफ 210.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है। इस परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा किया जाएगा। यह मंजूरी राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। यह राज्य का दूसरा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर होगा, जिससे उद्योगों के लिए आधुनिक आधारभूत संरचना और औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता में वृद्धि होगी।
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार एंकर इकाइयों ने इस क्लस्टर में रुचि दिखाई है, जिनके द्वारा लगभग 365 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। यह क्लस्टर लगभग 306.56 एकड़ भूमि पर विकसित होगा, जिसमें 150.56 एकड़ औद्योगिक भूखंड आरक्षित किए गए हैं। यहां रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, विद्युत एवं जल आपूर्ति, वेयरहाउस और अन्य आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं और परियोजना क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि EMC 2.0 यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय स्तर के विनिर्माण उद्योगों के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह क्लस्टर राज्य के युवाओं के लिए लगभग 9,000 गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सृजित करेगा। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को भर्ती प्रारंभ होते ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।



















