RBI includes Tata Sons in Upper Layer NBFC list: आरबीआई ने टाटा संस को अपर लेयर NBFC सूची में किया शामिल

भारतीय रिजर्व बैंक (rbi) ने गुरुवार को टाटा संस को अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (nbfc-ul) की सूची में शामिल किया है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट क
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को टाटा संस को अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC-UL) की सूची में शामिल किया है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि इस फैसले का टाटा संस की NBFC पंजीकरण (डी-रजिस्ट्रेशन) रद्द करने की लंबित अर्जी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। RBI ने कहा कि कंपनी के आवेदन की समीक्षा अभी जारी है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टाटा संस समेत 17 बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) की अपर-लेयर सूची जारी की है। इस सूची में टाटा संस के अलावा बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, टाटा कैपिटल जैसी कई प्रमुख NBFCs भी शामिल की गई हैं।
आरबीआई द्वारा जारी अपर-लेयर एनबीएफसी की सूची में चार सरकारी कंपनियां भी शामिल हैं, जिनमें एनबीएफसी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी), इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी), और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हु़डको) शामिल हैं। इसके अलावा, बजाज फाइनेंस लिमिटेड, श्रीराम फाइनेंस और टाटा कैपिटल जैसी निजी क्षेत्र की बड़ी एनबीएफसी भी इस सूची का हिस्सा हैं।
आरबीआई के स्केल बेस्ड रेगुलेशन फ्रेमवर्क के तहत NBFCs को चार श्रेणियों में बांटा गया है: बेस लेयर (NBFC-BL), मिडिल लेयर (NBFC-ML), अपर लेयर (NBFC-UL), और टॉप लेयर (NBFC-TL)। अपर-लेयर में उन बड़ी और प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण NBFCs को रखा जाता है, जिनकी गतिविधियों का वित्तीय प्रणाली पर अधिक प्रभाव पड़ सकता है।



















