Oil Market Turmoil Amid Iran's New Conditions: ईरान की नई शर्तों से तेल बाजार में हलचल

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का प्रभाव स्पष्ट है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 1
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का प्रभाव स्पष्ट है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.3 फीसदी बढ़कर 83.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, लेकिन पूरे सप्ताह में यह लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट के साथ समाप्त हुआ। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आज यानी 9 अगस्त को स्थिर रही हैं। दिल्ली, गुरुग्राम, और जयपुर जैसे बड़े शहरों में ईंधन के दाम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सरकारी तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित की जाती हैं। वर्तमान में, ईंधन की कीमतें 25 मई को हुए आखिरी बड़े बदलाव के आसपास बनी हुई हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय ग्राहकों पर नहीं पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार का सबसे बड़ा मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट में से एक है। ईरान ने कहा है कि वह तब तक इस जलमार्ग को नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं, जिसमें युद्ध खत्म करने और अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की मांग शामिल है।
ईरान और ओमान के बीच भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत चल रही है, और दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना बढ़ रही है। ओमान इस मामले में मध्यस्थता कर रहा है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही सामान्य होती है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि, फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।



















