Top 20 Builders in UP Causing Homebuyer Issues: लखनऊ से नोएडा तक, यूपी के ये 20 बिल्डर्स घर खरीदने वालों को करते हैं सबसे ज्यादा परेशान

यदि आप उत्तर प्रदेश में घर या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल लोकेशन, कीमत और सुविधाओं को ध्यान में रखकर बिल्डर का चुनाव करना आपके लिए मुश्किल हो सकत
यदि आप उत्तर प्रदेश में घर या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल लोकेशन, कीमत और सुविधाओं को ध्यान में रखकर बिल्डर का चुनाव करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। घर खरीदने के बाद प्रोजेक्ट में देरी, कब्जा मिलने में समस्याएँ और बिल्डर से जुड़े विवादों जैसी दिक्कतें खरीदारों के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं। हाल ही में यूपी रेरा में रेरा एक्ट की धारा 31 के तहत कुल 6334 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें गौतमबुद्धनगर में 3906, गाजियाबाद में 979 और लखनऊ में 977 शिकायतें शामिल हैं। सबसे अधिक शिकायतों के मामले में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर शीर्ष पर है, जिसके खिलाफ 303 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इसके बाद गौरसन्स हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर, वेव मेगासिटी सेंटर, एटीएस रियल्टी और जयप्रकाश एसोसिएट्स का नाम आता है। आइए जानते हैं लखनऊ से नोएडा तक किन 20 बिल्डर्स के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं और उनका पूरा विवरण क्या है।
अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इस लिस्ट में पहले स्थान पर है, जिसका आंकड़ा अन्य सभी 19 कंपनियों की तुलना में काफी अधिक है। दूसरे स्थान पर गौरसन्स हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का नाम है, जिसके खिलाफ 143 शिकायतें दर्ज हुईं। तीसरे नंबर पर वेव मेगासिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड है, जिसके खिलाफ 140 शिकायतें हैं। चौथे स्थान पर एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड का नाम है, जबकि जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड पांचवें स्थान पर है, जिसके खिलाफ 133 शिकायतें दर्ज हुईं। गौरसन्स समूह की दो कंपनियाँ, गौरसन्स हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर और गौरसन्स रियलटेक, दोनों ही इस टॉप-20 लिस्ट में शामिल हैं।



















