World Biofuel Day: बायोफ्यूल का बादशाह कौन? जानिए भारत की स्थिति

क्रूड ऑयल की सप्लाई चेन में बाधा आने के कारण बायोफ्यूल की चर्चा में तेजी आई है। भारत ने ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य कर दिया है, जिससे बायोफ्यूल के विकल्पों की मांग
क्रूड ऑयल की सप्लाई चेन में बाधा आने के कारण बायोफ्यूल की चर्चा में तेजी आई है। भारत ने ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य कर दिया है, जिससे बायोफ्यूल के विकल्पों की मांग बढ़ी है। दुनिया लंबे समय से क्रूड ऑयल पर निर्भर रही है, जिसका उपयोग पेट्रोल, डीजल, गैस और विमान ईंधन के लिए किया जाता है। लेकिन महंगे तेल, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन ने बायोफ्यूल को एक मजबूत विकल्प बना दिया है। बायोफ्यूल पौधों, अनाज, गन्ने, मक्का, वनस्पति तेल, जैविक कचरे और पशु अवशेषों से निर्मित होता है। वर्ल्ड बायोफ्यूल डे के अवसर पर जानिए कि बायोफ्यूल का बादशाह देश कौन है और यह कैसे अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है।
बायोफ्यूल के उत्पादन में अमेरिका पहले स्थान पर है, जहां 2024 में कुल उत्पादन करीब 856 हजार बैरल तेल समतुल्य प्रतिदिन रहा। अमेरिका में बायोफ्यूल उत्पादन का सबसे बड़ा आधार मक्का है, जिससे एथनॉल तैयार किया जाता है। यह एथनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता है, जिससे पेट्रोल की खपत कम होती है। अमेरिका में एथनॉल के साथ बायोडीजल और रिन्यूएबल डीजल का भी उत्पादन होता है। वहीं, ब्राजील बायोफ्यूल के उत्पादन में दूसरे स्थान पर है, जिसका कुल उत्पादन करीब 510 हजार बैरल तेल-समतुल्य प्रतिदिन रहा। ब्राजील ने गन्ने से एथनॉल बनाने में एक सफल मॉडल स्थापित किया है, जो उसकी परिवहन व्यवस्था का एक अहम हिस्सा बन चुका है।



















