Mahashivratri vs Sawan Shivratri: सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?

सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि भगवान शिव के दो प्रमुख पर्व हैं, जिनका महत्व अलग-अलग है। इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया गया था, जबकि सावन शिवरात्
सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि भगवान शिव के दो प्रमुख पर्व हैं, जिनका महत्व अलग-अलग है। इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया गया था, जबकि सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है, जबकि सावन शिवरात्रि सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। महाशिवरात्रि को शिव और पार्वती के विवाह के उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा है, जबकि सावन शिवरात्रि सावन के पवित्र महीने में आती है, जो पूरी तरह से शिव जी की भक्ति के लिए समर्पित है। दोनों पर्वों पर शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने का विधान है, और इन दिनों सच्चे मन से पूजा करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।
महाशिवरात्रि को साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि माना जाता है, जो फाल्गुन मास में आती है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। दूसरी ओर, सावन शिवरात्रि वह तिथि है जो सावन के पूरे महीने की भक्ति के बीच में आती है। सावन का पूरा महीना शिव पूजा के लिए विशेष होता है, इसलिए इस दिन जल चढ़ाने से विशेष लाभ मिलता है। महाशिवरात्रि पर रात के समय चार पहर की पूजा का विधान होता है, जबकि सावन शिवरात्रि पर सुबह से ही शिवलिंग पर जल, दूध और बेल पत्र चढ़ाने के लिए भक्तों की भीड़ लगती है। दोनों ही दिन व्रत रखने से मन की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के सारे दुख समाप्त हो जाते हैं।



















