Basil Benefits: राम तुलसी या कृष्ण तुलसी, सेहत के लिए कौन सी है ज्यादा फायदेमंद?

भारतीय घरों में तुलसी को एक पवित्र पौधा और औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग वात, पित्त और कफ को संतुलित करने के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ा
भारतीय घरों में तुलसी को एक पवित्र पौधा और औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग वात, पित्त और कफ को संतुलित करने के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए किया जाता है। आमतौर पर, हमारे आंगनों में दो प्रकार की तुलसी पाई जाती हैं: राम तुलसी, जिसकी पत्तियाँ हल्की हरी होती हैं, और कृष्ण तुलसी, जिसकी पत्तियाँ गहरे बैंगनी या काले रंग की होती हैं। डॉ. प्रियंका रोहतगी, जो अपोलो हॉस्पिटल्स, बेंगलुरु में चीफ क्लिनिकल डाइटिशियन रह चुकी हैं, बताती हैं कि राम तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर है, लेकिन इसका स्वाद हल्का और मीठा होता है। इसके साथ ही, इसका उपयोग पूजा-पाठ और पारंपरिक घरेलू नुस्खों में किया जाता है।
दूसरी ओर, कृष्ण तुलसी, जिसे श्यामा तुलसी या डार्क तुलसी कहा जाता है, की पत्तियाँ गहरे रंग की होती हैं और इसका तना बैंगनी होता है। इसका स्वाद और खुशबू राम तुलसी की तुलना में अधिक तीखा होता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग पारंपरिक उपचारों में किया जाता है। विकास चावला, वेदास क्योर के संस्थापक और आयुर्वेद विशेषज्ञ, बताते हैं कि राम तुलसी का सेवन पाचन, सर्दी-जुकाम और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए किया जाता है, जबकि कृष्ण तुलसी का सेवन श्वसन संबंधी समस्याओं और संक्रमण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।



















