Health Department Initiative: स्वास्थ्य विभाग एक माह में 24 गांवों में करेगा टीबी जांच

महेंद्रगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक माह के भीतर 24 गांवों में सघन टीबी जांच अभियान चलाने का निर
महेंद्रगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक माह के भीतर 24 गांवों में सघन टीबी जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के लिए विभाग की ओर से एक विस्तृत शेड्यूल जारी किया गया है और जांच कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य कनीना यूनिट के अंतर्गत आने वाले गांवों को अगस्त माह में पूरी तरह से कवर करना है, ताकि वहां टीबी के मामलों का शीघ्र पता लगाया जा सके और उनका प्रभावी उपचार शुरू किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, अगले एक महीने में कुल 24 गांवों को इस जांच अभियान में शामिल किया जाएगा। अब तक गांव आनावास और झगड़ोली में शिविर लगाया गया है, इनमें मरीजों की जांच कर उचित परामर्श दिए गए हैं। ग्राम झगड़ोली में स्वास्थ्य विभाग नारनौल से आई मोबाइल टीम ने सोमवार को आंगनबाड़ी केंद्र में टीबी स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया। शिविर में डॉ. प्रतीक के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 113 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की और 28 मरीजों के एक्सरे किए। स्वास्थ्यकर्मी विक्रम ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव व मुफ्त इलाज की जानकारी दी। स्वास्थ्य कर्मी विक्रम ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना या वजन घटना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। सरकार द्वारा टीबी की जांच व इलाज पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान का उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना और ग्रामीणों को सही समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। टीबी एक संक्रामक रोग है, जो आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। इस रोग के लक्षणों की पहचान करना और समय पर इलाज कराना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर जांच कराने के लिए भी प्रेरित किया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी ग्रामीणों को इस अभियान का लाभ मिले और कोई भी व्यक्ति टीबी के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना न करे।



















